श्रेष्‍ठगीत 8:3

काश, उसका बायां हाथ मेरे सिर के नीचे होता, और अपने दहिने हाथ से वह मेरा आलिंगन करता!

प्रसंग सहित पढ़ें · श्रेष्‍ठगीत 8

1भला होता कि तू मेरे भाई के समान होता, जिस ने मेरी माता की छातियों से दूध पिया! तब मैं तुझे बाहर पाकर तेरा चुम्बन लेती, और कोई मेरी निन्दा न करता।

2मैं तुझ को अपनी माता के घर ले चलती, और वह मुझ को सिखाती, और मैं तुझे मसाला मिला हुआ दाखमघु, और अपने अनारों का रस पिलाती।

3काश, उसका बायां हाथ मेरे सिर के नीचे होता, और अपने दहिने हाथ से वह मेरा आलिंगन करता!

4हे यरूशलेम की पुत्रियों, मैं तुम को शपथ धराती हूं, कि तुम मेरे प्रेमी को न जगाना जब तक वह स्वयं न उठना चाहे।।

5यह कौन है जो अपने प्रेमी पर टेक लगाये हुए जंगल से चली आती है? सेब के पेड़ के नीचे मैं ने तुझे जगया। वहां तेरी माता ने तुझे जन्म दिया वहां तेरी माता को पीड़ाएं उठीं।।

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