हे यरूशलेम की पुत्रियों, मैं तुम को शपथ धराती हूं, कि तुम मेरे प्रेमी को न जगाना जब तक वह स्वयं न उठना चाहे।।
3काश, उसका बायां हाथ मेरे सिर के नीचे होता, और अपने दहिने हाथ से वह मेरा आलिंगन करता!
4हे यरूशलेम की पुत्रियों, मैं तुम को शपथ धराती हूं, कि तुम मेरे प्रेमी को न जगाना जब तक वह स्वयं न उठना चाहे।।
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