1 राजा 4:32

उस ने तीन हज़ार नीतिवचन कहे, और उसके एक हज़ार पांच गीत भी है।

प्रसंग सहित पढ़ें · 1 राजा 4

30और सुलैमान की बुध्दि पूर्व देश के सब निवासियों और मिस्रियों की भी बुध्दि से बढ़कर बुध्दि थी।

31वह तो और सब मनुष्यों से वरन एतान, एज्रेही और हेमान, और माहोल के पुत्रा कलकोल, और दर्दा से भी अधिक बुध्दिमान थो और उसकी कीर्त्ति चारों ओर की सब जातियों में फैल गई।

32उस ने तीन हज़ार नीतिवचन कहे, और उसके एक हज़ार पांच गीत भी है।

33फिर उस ने लबानोन के देवदारूओं से लेकर भीत में से उगते हु जूफा तक के सब पेड़ों की चर्चा और पशुओं पक्षियों और रेंगनेवाले जन्तुओं और मछलियों की चर्चा की।

34और देश देश के लोग पृथ्वी के सब राजाओं की ओर से जिन्हों ने सुलैमान की बुध्दि की कीर्त्ति सुनी थी, उसकी बुध्दि की बातें सुनने को आया करते थे।

1 राजा 4 पूरा पढ़ें

इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें

KJV தமிழ் తెలుగు ಕನ್ನಡ