और देश देश के लोग पृथ्वी के सब राजाओं की ओर से जिन्हों ने सुलैमान की बुध्दि की कीर्त्ति सुनी थी, उसकी बुध्दि की बातें सुनने को आया करते थे।
32उस ने तीन हज़ार नीतिवचन कहे, और उसके एक हज़ार पांच गीत भी है।
34और देश देश के लोग पृथ्वी के सब राजाओं की ओर से जिन्हों ने सुलैमान की बुध्दि की कीर्त्ति सुनी थी, उसकी बुध्दि की बातें सुनने को आया करते थे।
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