वह तो और सब मनुष्यों से वरन एतान, एज्रेही और हेमान, और माहोल के पुत्रा कलकोल, और दर्दा से भी अधिक बुध्दिमान थो और उसकी कीर्त्ति चारों ओर की सब जातियों में फैल गई।
30और सुलैमान की बुध्दि पूर्व देश के सब निवासियों और मिस्रियों की भी बुध्दि से बढ़कर बुध्दि थी।
31वह तो और सब मनुष्यों से वरन एतान, एज्रेही और हेमान, और माहोल के पुत्रा कलकोल, और दर्दा से भी अधिक बुध्दिमान थो और उसकी कीर्त्ति चारों ओर की सब जातियों में फैल गई।
32उस ने तीन हज़ार नीतिवचन कहे, और उसके एक हज़ार पांच गीत भी है।
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