यहेजकेल 42:13

फिर उस ने मुझ से कहा, ये उत्तरी और दक्खिनी कोठरियां जो आंगन के साम्हने हें, वे ही पवित्रा कोठरियां हैं, जिन में यहोवा के समीप जानेवाले याजक परमपवित्रा वस्तुएं खाया करेंगे; वे परमपवित्रा वस्तुएं, और अन्नबलि, और पापबलि, और दोषबलि, वहीं रखेंगे; क्योंकि वह स्थान पवित्रा हे।

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11और उनके साम्हने का मार्ग उत्तरी कोठरियों के मार्ग सा थ; उनकी लम्बाई- चौड़ाई बराबर थी और निकास और ढंग उनके द्वार के से थे।

12और दक्खिनी कोठरियों के द्वारों के अनुसार मार्ग के सिरे पर द्वार था, अर्थात् पूर्व की ओर की भीत के साम्हने, जहां से लोग उन में प्रवेश करते थे।

13फिर उस ने मुझ से कहा, ये उत्तरी और दक्खिनी कोठरियां जो आंगन के साम्हने हें, वे ही पवित्रा कोठरियां हैं, जिन में यहोवा के समीप जानेवाले याजक परमपवित्रा वस्तुएं खाया करेंगे; वे परमपवित्रा वस्तुएं, और अन्नबलि, और पापबलि, और दोषबलि, वहीं रखेंगे; क्योंकि वह स्थान पवित्रा हे।

14जब जब याजक लोग भीतर जाएंगे, तब तब निकलने के समय वे पवित्रास्थान से बाहरी आंगन में यों ही न निकलेंगे, अर्थात् वे पहिले अपनी सेवा टहल के वस्त्रा पवित्रास्थान में रख देंगे; क्योंकि ये कोठरियां पवित्रा हैं। तब वे और वस्त्रा पहिनकर साधारण लोगों के स्थान में जाएंगे।

15जब वह भीतरी भवन को माप चुका, तब मुझे पूर्व दिशा के फाटक के मार्ग से बाहर ले जाकर बाहर का स्थान चारों ओर मापने लगा।

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