जब जब याजक लोग भीतर जाएंगे, तब तब निकलने के समय वे पवित्रास्थान से बाहरी आंगन में यों ही न निकलेंगे, अर्थात् वे पहिले अपनी सेवा टहल के वस्त्रा पवित्रास्थान में रख देंगे; क्योंकि ये कोठरियां पवित्रा हैं। तब वे और वस्त्रा पहिनकर साधारण लोगों के स्थान में जाएंगे।
14जब जब याजक लोग भीतर जाएंगे, तब तब निकलने के समय वे पवित्रास्थान से बाहरी आंगन में यों ही न निकलेंगे, अर्थात् वे पहिले अपनी सेवा टहल के वस्त्रा पवित्रास्थान में रख देंगे; क्योंकि ये कोठरियां पवित्रा हैं। तब वे और वस्त्रा पहिनकर साधारण लोगों के स्थान में जाएंगे।
16उस ने पूव अलंग को मापने के बांस से मापकर पांच सौ बांस का पाया।
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