पुरूष के लिये जवानी में जूआ उठाना भला है।
25जो यहोवा की बाट जोहते और उसके पास जाते हैं, उनके लिये यहोवा भला है।
26यहोवा से उठ्ठार पाने की आशा रखकर चुपचाप रहना भला है।
27पुरूष के लिये जवानी में जूआ उठाना भला है।
28वह यह जानकर अकेला चुपचाप रहे, कि परमेश्वर ही ने उस पर यह बोझ डाला है;
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