वे न तो खलिहान के अन्न से तृप्त होंगे, और न कुण्ड के दाखमधु से; और न नये दाखमधु के धटने से वे धोखा खाएंगे।
1हे इस्राएल, तू देश देश के लोगों की नाईं आनन्द में मगन मत हो! क्योंकि तू अपने परमेश्वर को छोड़कर वेश्या बनी। तू ने अन्न के हर एक खलिहान पर छिनाले की कमाई आनन्द से ली है।
2वे न तो खलिहान के अन्न से तृप्त होंगे, और न कुण्ड के दाखमधु से; और न नये दाखमधु के धटने से वे धोखा खाएंगे।
3वे यहोवा के देश में रहने न पाएंगे; परन्तु एप्रैम मि में लौट जाएगा, और वे अश्शूर में अशुद्ध वस्तुएं खाएंगे।।
4वे यहोवा के लिये दाखमधु का अर्ध न देंगे, और न उनके बलिदान उसको भाएंगे। उनकी रोटी शोक करनेवालों का सा भोजन ठहरेगी; जितने उसे खाएंगे सब अशुद्ध हो जाएंगे; क्योंकि उनकी भोजनवसतु उनकी भूख बुझाने ही के लिये होगी; वह यहोवा के भवन में न आ सकेगी।।
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