अब्राम की पत्नी सारै के कोई सन्तान न थी : और उसके हाजिरा नाम की एक मिद्दी लौंडी थी।
1अब्राम की पत्नी सारै के कोई सन्तान न थी : और उसके हाजिरा नाम की एक मिद्दी लौंडी थी।
2सो सारै ने अब्राम से कहा, देख, यहोवा ने तो मेरी कोख बन्द कर रखी है सो मैं तुझ से बिनती करती हूं कि तू मेरी लौंडी के पास जा : सम्भव है कि मेरा घर उसके द्वारा बस जाए।
3सो सारै की यह बात अब्राम ने मान ली। सो जब अब्राम को कनान देश में रहते दस वर्ष बीत चुके तब उसकी स्त्री सारै ने अपनी मिद्दी लौंडी हाजिरा को लेकर अपने पति अब्राम को दिया, कि वह उसकी पत्नी हो।
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