उत्पत्ति 16:3

सो सारै की यह बात अब्राम ने मान ली। सो जब अब्राम को कनान देश में रहते दस वर्ष बीत चुके तब उसकी स्त्री सारै ने अपनी मिद्दी लौंडी हाजिरा को लेकर अपने पति अब्राम को दिया, कि वह उसकी पत्नी हो।

प्रसंग सहित पढ़ें · उत्पत्ति 16

1अब्राम की पत्नी सारै के कोई सन्तान न थी : और उसके हाजिरा नाम की एक मिद्दी लौंडी थी।

2सो सारै ने अब्राम से कहा, देख, यहोवा ने तो मेरी कोख बन्द कर रखी है सो मैं तुझ से बिनती करती हूं कि तू मेरी लौंडी के पास जा : सम्भव है कि मेरा घर उसके द्वारा बस जाए।

3सो सारै की यह बात अब्राम ने मान ली। सो जब अब्राम को कनान देश में रहते दस वर्ष बीत चुके तब उसकी स्त्री सारै ने अपनी मिद्दी लौंडी हाजिरा को लेकर अपने पति अब्राम को दिया, कि वह उसकी पत्नी हो।

4और वह हाजिरा के पास गया, और वह गर्भवती हुई और जब उस ने जाना कि वह गर्भवती है तब वह अपनी स्वामिनी को अपनी दृष्टि में तुच्छ समझने लगी।

5तब सारै ने अब्राम से कहा, जो मुझ पर उपद्रव हुआ सो तेरे ही सिर पर हो : मैं ने तो अपनी लौंडी को तेरी पत्नी कर दिया; पर जब उस ने जाना कि वह गर्भवती है, तब वह मुझे तुच्छ समझने लगी, सो यहोवा मेरे और तेरे बीच में न्याय करे।

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