और हम ने उनके नाम भी पूछे, कि हम उनके मुख्य पुरूषों के नाम लिखकर तुझ को जता सकें।
8राजा को विदित हो, कि हम लोग यहूदा नाम प्रान्त में महान परमेश्वर के भवन के पास गए थे, वह बड़े बड़े पत्थ्रों से बन रहा है, और उसकी भीतों में कड़ियां जुड़ रही हैं; और यह काम उन लोगों से फुत के साथ हो रहा है, और सुफल भी होता जाता है।
9इसलिये हम ने उन पुरनियों से यों पूछा, कि यह भवन बनवाने, और यह शहरपनाह खड़ी करने की आज्ञा किस ने तुम्हें दी?
10और हम ने उनके नाम भी पूछे, कि हम उनके मुख्य पुरूषों के नाम लिखकर तुझ को जता सकें।
11और उन्हों ने हमें यों उत्तर दिया, कि हम तो शकाश और पृथ्वी के परमेश्वर के दास हैं, और जिस भवन को बहुत वर्ष हुए इस्राएलियों के एक बड़े राजा ने बनाकर तैयार किया था, उसी को हम बना रहे हैं।
12जब हमारे पुरखाओं ने स्वर्ग के परमेश्वर को रिस दिलाई थी, तब उस ने उन्हें बाबेल के कसदी राजा नबूकदनेस्सर के हाथ में कर दिया था, और उस ने इस भवन को नाश किया और लोगों को बन्धुआ करके बाबेल को ले गया।
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