और उनके द्रोही जल में डूब गए; उन में से एक भी न बचा।
10उस ने उन्हें बैरी के हाथ से उबारा, और शत्रु के हाथ से छुड़ा लिया।
11और उनके द्रोही जल में डूब गए; उन में से एक भी न बचा।
12तब उनहों ने उसके वचनों का विश्वास किया; और उसकी स्तुति गाने लगे।।
13परन्तु वे झट उसके कामों को भूल गए; और उसकी युक्ति के लिये न ठहरे।
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