परन्तु वे झट उसके कामों को भूल गए; और उसकी युक्ति के लिये न ठहरे।
11और उनके द्रोही जल में डूब गए; उन में से एक भी न बचा।
12तब उनहों ने उसके वचनों का विश्वास किया; और उसकी स्तुति गाने लगे।।
13परन्तु वे झट उसके कामों को भूल गए; और उसकी युक्ति के लिये न ठहरे।
14उन्हों ने जंगल में अति लालसा की और निर्जल स्थान में ईश्वर की परीक्षा की।
15तब उस ने उन्हें मुंह मांगा वर तो दिया, परन्तु उनके प्राण को सुखा दिया।।
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