अब वे कहेंगे, हमारे कोई राजा नहीं है, क्योंकि हम ने यहोवा का भय नहीं माना; सो राजा हमारा क्या कर सकता है?
1इस्राएल एक लहलहाती हुई दाखलता सी है, जिस में बहुत से फल भी लगे, परन्तु ज्यों ज्यों उसके फल बढ़े, त्यों त्यों उस ने अधिक वेदियां बनाईं जैसे जैसे उसकी भूमि सुधरी, वैसे ही वे सुन्दर लाटें बनाते गये।
2उनका मन बटा हुआ है; अब वे दोषी ठहरेंगे। वह उनकी वेदियों को तोड़ डालेगा, और उनकी लाटों को टुकड़े टुकड़े करेगा।
3अब वे कहेंगे, हमारे कोई राजा नहीं है, क्योंकि हम ने यहोवा का भय नहीं माना; सो राजा हमारा क्या कर सकता है?
4वे बातें बनाते और झूठी शपथ खाकर वाचा बान्धते हैं; इस कारण खेत की रेघारियों में धतूरे की नाईं दण्ड फूले फलेगा।
5सामरिया के निवासी बेतावेन के बछड़े के लिये डरते रहेंगे, और उसके लोग उसके लिये विलाप करेंगे; और उसके पुजारी जो उसके कारण मगन होते थे उसके प्रताप के लिये इस कारण विलाप करेंगे क्योंकि वह उन में से उठ गया है।
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