होशे 10:1

इस्राएल एक लहलहाती हुई दाखलता सी है, जिस में बहुत से फल भी लगे, परन्तु ज्यों ज्यों उसके फल बढ़े, त्यों त्यों उस ने अधिक वेदियां बनाईं जैसे जैसे उसकी भूमि सुधरी, वैसे ही वे सुन्दर लाटें बनाते गये।

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1इस्राएल एक लहलहाती हुई दाखलता सी है, जिस में बहुत से फल भी लगे, परन्तु ज्यों ज्यों उसके फल बढ़े, त्यों त्यों उस ने अधिक वेदियां बनाईं जैसे जैसे उसकी भूमि सुधरी, वैसे ही वे सुन्दर लाटें बनाते गये।

2उनका मन बटा हुआ है; अब वे दोषी ठहरेंगे। वह उनकी वेदियों को तोड़ डालेगा, और उनकी लाटों को टुकड़े टुकड़े करेगा।

3अब वे कहेंगे, हमारे कोई राजा नहीं है, क्योंकि हम ने यहोवा का भय नहीं माना; सो राजा हमारा क्या कर सकता है?

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