फिर मैं ने धरती पर यह भी व्यर्थ बात देखी।
5मूर्ख छाती पर हाथ रखे रहता और अपना मांस खाता है।
6चैन के साथ एक मुट्ठर एप उसे मुटि्ठयों से अच्छा है, जिनके साथ परिश्रम और मन का कुढ़ना हो।।
7फिर मैं ने धरती पर यह भी व्यर्थ बात देखी।
9एक से दो अच्छे हैं, क्योंकि उनके परिश्रम का अच्छा फल मिलता है।
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