फिर दूसरी बार पलिश्तियों ने उसी तीई में धावा मारा।
11इसलिये जब वे बालपरासीम को आए, तब दाऊद ने उन को वहीं मार लिया; तब दाऊद ने कहा, परमेश्वर मेरे द्वारा मेरे शत्रुओं पर जल की धारा की नाई टूट पड़ा है। इस कारण उस स्थान का नाम बालपरासीम रखा गया।
12वहां वे अपने देवताओं को छोड़ गए, और दाऊद को आज्ञा से वे आग लगाकर फूंक दिए गए।
13फिर दूसरी बार पलिश्तियों ने उसी तीई में धावा मारा।
14तब दाऊद ने परमेश्वर से फिर पूछा, और परमेश्वर ने उस से कहा, उनका पीछा मत कर; उन से मुड़कर तूत के वृक्षों के साम्हने से उन पर छापा मार।
15और जब तूत के वृक्षों की फुनगियों में से सेना के चलने की सी आहट तुझे सुन पड़े, तब यह जानकर युठ्ठ करने को निकल जाना कि परमेश्वर पलिश्तियों की सेना को मारने के लिये तेरे आगे जा रहा है।
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