तब मैं ने भोले लोगों में से एक निर्बुद्धि जवान को देखा;
5तब तू पराई स्त्री से बचेगा, जो चिकनी चुपड़ी बातें बोलती है।।
6मैं ने एक दिन अपने घर की खिड़की से, अर्थात् अपने झरोखे से झांका,
7तब मैं ने भोले लोगों में से एक निर्बुद्धि जवान को देखा;
8वह उस स्त्री के घर के कोने के पास की सड़क पर चला जाता था, और उस ने उसके घर का मार्ग लिया।
9उस समय दिन ढल गया, और संध्याकाल आ गया था, वरन रात का घोर अन्धकार छा गया था।
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