अब मुझे ऐसी बुध्दि और ज्ञान दे, कि मैं इस प्रजा के साम्हने अन्दर- बाहर आना- जाना कर सकूं, क्योंकि कौन ऐसा है कि तेरी इतनी बड़ी प्रजा का न्याय कर सके?
10अब मुझे ऐसी बुध्दि और ज्ञान दे, कि मैं इस प्रजा के साम्हने अन्दर- बाहर आना- जाना कर सकूं, क्योंकि कौन ऐसा है कि तेरी इतनी बड़ी प्रजा का न्याय कर सके?
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