प्रकाशित वाक्य 1:18

मैं मर गया था, और अब देख; मैं युगानुयुग जीवता हूं; और मृत्यु और अधोलोक की कुंजियां मेरे ही पास हैं।

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16और वह अपने दहिने हाथ में सात तारे लिए हुए था: और उसके मुख से चोखी दोधारी तलवार निकलती थी; और उसका मुंह ऐसा प्रज्वलित था, जैसा सूर्य कड़ी धूप के समय चमकता है।

17जब मै ने उसे देखा, तो उसके पैरों पर मुर्दा सा गिर पड़ा और उस ने मुझ पर अपना दहिना हाथ रखकर यह कहा, कि मत डर; मैं प्रथम और अन्तिम और जीवता हूं।

18मैं मर गया था, और अब देख; मैं युगानुयुग जीवता हूं; और मृत्यु और अधोलोक की कुंजियां मेरे ही पास हैं।

19इसलिये जो बातें तू ने देखीं हैं और जो बातें हो रही हैं; और जो इस के बाद होनेवाली हैं, उन सब को लिख ले।

20अर्थात् उन सात तारों का भेद जिन्हें तू ने मेरे दहिने हाथ में देखा था, और उन सात सोने की दीवटों का भेद: वे सात तारे सातों कलीसियाओं के दूत हैं, और वे सात दीवट सात कलीसियाएं हैं।।

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