प्रकाशित वाक्य 1:17

जब मै ने उसे देखा, तो उसके पैरों पर मुर्दा सा गिर पड़ा और उस ने मुझ पर अपना दहिना हाथ रखकर यह कहा, कि मत डर; मैं प्रथम और अन्तिम और जीवता हूं।

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15और उसके पांव उत्तम पीतल के समान थे जो मानो भट्टी में तपाए गए हों; और उसका शब्द बहुत जल के शब्द की नाई था।

16और वह अपने दहिने हाथ में सात तारे लिए हुए था: और उसके मुख से चोखी दोधारी तलवार निकलती थी; और उसका मुंह ऐसा प्रज्वलित था, जैसा सूर्य कड़ी धूप के समय चमकता है।

17जब मै ने उसे देखा, तो उसके पैरों पर मुर्दा सा गिर पड़ा और उस ने मुझ पर अपना दहिना हाथ रखकर यह कहा, कि मत डर; मैं प्रथम और अन्तिम और जीवता हूं।

18मैं मर गया था, और अब देख; मैं युगानुयुग जीवता हूं; और मृत्यु और अधोलोक की कुंजियां मेरे ही पास हैं।

19इसलिये जो बातें तू ने देखीं हैं और जो बातें हो रही हैं; और जो इस के बाद होनेवाली हैं, उन सब को लिख ले।

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