मैं इसी कारण उस पिता के साम्हने घुटने टेकता हूं,
12जिस में हम को उस पर विश्वास रखने से हियाव और भरोसे से निकट आने का अधिकार है।
14मैं इसी कारण उस पिता के साम्हने घुटने टेकता हूं,
15जिस से स्वर्ग और पृथ्वी पर, हर एक घराने का नाम रखा जाता है।
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