जिस से स्वर्ग और पृथ्वी पर, हर एक घराने का नाम रखा जाता है।
14मैं इसी कारण उस पिता के साम्हने घुटने टेकता हूं,
15जिस से स्वर्ग और पृथ्वी पर, हर एक घराने का नाम रखा जाता है।
17और विश्वास के द्वारा मसीह तुम्हारे हृदय में बसे कि तुम प्रेम में जड़ पकड़कर और नेव डाल कर।
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