2 इतिहास 1:14

फिर सुलैमान ने रथ और सवार इकट्ठे कर लिये; और उसके चौदह सौ रथ और बारह हजार सवार थे, और उनको उस ने रथों के नगरों में, और यरूशलेम में राजा के पास ठहरा रखा।

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12इस कारण बुध्दि और ज्ञान तुझे दिया जाता है। और मैं तुझे इतना धन सम्पत्ति और ऐश्वर्य दूंगा, जितना न तो तुझ से पहिले किसी राजा को, मिला और न तेरे बाद किसी राजा को मिलेगा।

13तब सुलैमान गिबोन के ऊंचे स्थान से, अर्थात् मिलापवाले तम्बू के साम्हने से यरूशलेम को आया और वहां इस्राएल पर राज्य करने लगा।

14फिर सुलैमान ने रथ और सवार इकट्ठे कर लिये; और उसके चौदह सौ रथ और बारह हजार सवार थे, और उनको उस ने रथों के नगरों में, और यरूशलेम में राजा के पास ठहरा रखा।

15और राजा ने ऐसा किया, कि यरूशलेम में सोने- चान्दी का मूल्य बहुतायत के कारण पत्थरों का सा, और देवदारों का मूल्य नीचे के देश के गूलरों का सा बना दिया।

16और जो घोड़े सुलैमान रखता था, वे मिस्र से आते थे, और राजा के रयापारी उन्हें झुणड के झुणड ठहराए हुए दाम पर लिया करते थे।

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