भला होता, कि तुम बिलकुल चुप रहते, और इस से तुम बुध्दिमान ठहरते।
3मैं तो सर्वशक्तिमान से बातें करूंगा, और मेरी अभिलाषा ईश्वर से वादविवाद करने की है।
4परन्तु तुम लोग झूठी बात के गढ़नेवाले हो; तुम सबके सब निकम्मे वैद्य हो।
5भला होता, कि तुम बिलकुल चुप रहते, और इस से तुम बुध्दिमान ठहरते।
6मेरा विवाद सुनो, और मेरी बहस की बातों पर कान लगाओ।
7क्या तुम ईश्वर के निमित्त टेढ़ी बातें कहोगे, और उसके पक्ष में कपट से बोलोगे?
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