क्या तुम ईश्वर के निमित्त टेढ़ी बातें कहोगे, और उसके पक्ष में कपट से बोलोगे?
5भला होता, कि तुम बिलकुल चुप रहते, और इस से तुम बुध्दिमान ठहरते।
6मेरा विवाद सुनो, और मेरी बहस की बातों पर कान लगाओ।
7क्या तुम ईश्वर के निमित्त टेढ़ी बातें कहोगे, और उसके पक्ष में कपट से बोलोगे?
8क्या तुम उसका पक्षपात करोगे? और ईश्वर के लिये मुक मा चलाओगे।
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