(फिर वह यह कहता है, कि) मैं उन के पापों को, और उन के अधर्म के कामों को फिर कभी स्मरण न करूंगा।
15और पवित्रा आत्मा भी हमें यही गवाही देता है; क्योंकि उस ने पहिले कहा था
17(फिर वह यह कहता है, कि) मैं उन के पापों को, और उन के अधर्म के कामों को फिर कभी स्मरण न करूंगा।
18और जब इन की क्षमा हो गई है, तो फिर पाप का बलिदान नहीं रहा।।
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें