उसकी आत्मा से आकाशमणडल स्वच्छ हो जाता है, वह अपने हाथ से वेग भागनेवाले नाग को मार देता है।
11उसकी घुड़की से आकाश के खम्भे थरथराकर चकित होते हैं।
12वह अपने बल से समुद्र को उछालता, और अपनी बुध्दि से घपणड को छेद देता है।
13उसकी आत्मा से आकाशमणडल स्वच्छ हो जाता है, वह अपने हाथ से वेग भागनेवाले नाग को मार देता है।
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