जैसे निर्जल देश में बादल की छाया से तपन ठण्डी होती है वेैसे ही तू परदेशियों का कोलाहल और क्रूर लोगों को जयजयकार बन्द करता है।।
3इस कारण बलवन्त राज्य के लोग तेरी महिमा करेंगे; भयंकर अन्यजातियों के नगरों में तेरा भय माना जाएगा।
5जैसे निर्जल देश में बादल की छाया से तपन ठण्डी होती है वेैसे ही तू परदेशियों का कोलाहल और क्रूर लोगों को जयजयकार बन्द करता है।।
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