नीति वचन 23:1

जब तू किसी हाकिम के संग भोजन करने को बैठे, तब इस बात को मन लगाकर सोचना कि मेरे साम्हने कौन है?

प्रसंग सहित पढ़ें · नीति वचन 23

1जब तू किसी हाकिम के संग भोजन करने को बैठे, तब इस बात को मन लगाकर सोचना कि मेरे साम्हने कौन है?

2और यदि तू खाऊ हो, तो थोड़ा खाकर भूखा उठ जाना।

3उसकी स्वादिष्ट भोजनवस्तुओं की लालसा न करना, क्योंकि वह धोखे का भोजन है।

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