और यदि तू खाऊ हो, तो थोड़ा खाकर भूखा उठ जाना।
1जब तू किसी हाकिम के संग भोजन करने को बैठे, तब इस बात को मन लगाकर सोचना कि मेरे साम्हने कौन है?
2और यदि तू खाऊ हो, तो थोड़ा खाकर भूखा उठ जाना।
3उसकी स्वादिष्ट भोजनवस्तुओं की लालसा न करना, क्योंकि वह धोखे का भोजन है।
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