और आकाश के नीचे की हर एक जाति में से भक्त यहूदी यरूशलेम में रहते थे।
3और उन्हें आग की सी जीभें फटती हुई दिखाई दीं; और उन में से हर एक पर आ ठहरीं।
5और आकाश के नीचे की हर एक जाति में से भक्त यहूदी यरूशलेम में रहते थे।
7और वे सब चकित और अचम्भित होकर कहने लगे; देखो, ये जो बोल रहे हैं क्या सब गलीली नहीं?
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