और उन्हें आग की सी जीभें फटती हुई दिखाई दीं; और उन में से हर एक पर आ ठहरीं।
1जब पिन्तेकुस का दिन आया, तो वे सब एक जगह इकट्ठे थे।
2और एकाएक आकाश से बड़ी आंधी की सी सनसनाहट का शब्द हुआ, और उस से सारा घर जहां वे बैठे थे, गूंज गया।
3और उन्हें आग की सी जीभें फटती हुई दिखाई दीं; और उन में से हर एक पर आ ठहरीं।
5और आकाश के नीचे की हर एक जाति में से भक्त यहूदी यरूशलेम में रहते थे।
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