यशायाह 52:4

प्रभु यहोवा यों कहता है, मेरी प्रजा पहिले तो मि में परदेशी होकर रहने को गई थी, और अश्शूरियों ने भी बिना कारण उन पर अत्याचार किया।

प्रसंग सहित पढ़ें · यशायाह 52

2अपने ऊपर से धूल झाड़ दे, हे यरूशलेम, उठ; हे सिरयोन की बन्दी बेटी अपने गले के बन्धन को खोल दे।।

3क्योंकि यहोवा यों कहता है, तुम जो सेंतमेंत बिक गए थे, इसलिये अब बिना रूपया दिए छुड़ाए भी जाओगे।

4प्रभु यहोवा यों कहता है, मेरी प्रजा पहिले तो मि में परदेशी होकर रहने को गई थी, और अश्शूरियों ने भी बिना कारण उन पर अत्याचार किया।

5इसलिये यहोवा की यह वाणी है कि मैं अब यहां क्या करूं जब कि मेरी प्रजा सेंतमेंत हर ली गई है? यहोवा यह भी कहता है कि जो उन पर प्रभुता करते हैं वे उधम मचा रहे हैं, और, मेरे नाम कि निन्दा लगातार दिन भर होती रहती है।

6इस कारण मेरी प्रजा मेरा नाम जान लेगी; वह उस समय जान लेगी कि जो बातें करता है वह यहोवा ही है; देखो, मैं ही हूं।।

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