परन्तु परमेश्वर उसका मार्ग समझता है, और उसका स्थान उसको मालूम है।
21वह सब प्राणियों की आंखों से छिपी है, और आकाश के पक्षियों के देखने में नहीं आती।
22विनाश ओर मृत्यु कहती हैं, कि हमने उसकी चर्चा सुनी है।
23परन्तु परमेश्वर उसका मार्ग समझता है, और उसका स्थान उसको मालूम है।
24वह तो पृथ्वी की छोर तक ताकता रहता है, और सारे आकाशमणडल के तले देखता भालता है।
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