1 राजा 4:28

और घोड़ों और वेग चलनेवाले घोड़ों के लिये जव और पुआल जहां प्रयोजन पड़ता था वहां आज्ञा के अनुसार एक एक जन पहुंचाया करता था।

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26फिर उसके रथ के घोड़ों के लिये सुलैमान के चालीस हज़ार थान थे, और उसके बारह हज़ार सवार थे।

27और वे भणडारी अपने अपने महीने में राजा सुलैमान के लिये और जितने उसकी मेज़ पर आते थे, उन सभों के लिये भोजन का प्रबन्ध करते थे, किसी वस्तु की घटी होने नहीं पाती थी।

28और घोड़ों और वेग चलनेवाले घोड़ों के लिये जव और पुआल जहां प्रयोजन पड़ता था वहां आज्ञा के अनुसार एक एक जन पहुंचाया करता था।

29और परमेश्वर ने सुलैमान को बुध्दि दी, और उसकी समझ बहुत ही बढ़ाई, और उसके हृदय में समुद्र तट की बरलू के किनकों के तुल्य अनगिनित गुण दिए।

30और सुलैमान की बुध्दि पूर्व देश के सब निवासियों और मिस्रियों की भी बुध्दि से बढ़कर बुध्दि थी।

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