परन्तु हे दानिरयेल, तू इस पुस्तक पर मुहर करके इन वचनों को अन्त समय तक के लिये बन्द रख। और बहुत लोग पूछ- पाछ और ढूंढ- ढांढ करेंगे, और इस से ज्ञान बढ़ भी जाएगा।।
4परन्तु हे दानिरयेल, तू इस पुस्तक पर मुहर करके इन वचनों को अन्त समय तक के लिये बन्द रख। और बहुत लोग पूछ- पाछ और ढूंढ- ढांढ करेंगे, और इस से ज्ञान बढ़ भी जाएगा।।
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