वैसे ही तुम भी आनन्दित हो, और मेरे साथ आनन्द करो।।
16कि मसीह के दिन मुझे घमण्ड करने का कारण हो, कि न मेरा दौड़ना और न मेरा परिश्रम करना व्यर्थ हुआ।
18वैसे ही तुम भी आनन्दित हो, और मेरे साथ आनन्द करो।।
20क्योंकि मेरे पास ऐसे स्वाभाव का कोई नहीं, जो शुद्ध मन से तुम्हारी चिन्ता करे।
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें