वे क़ब्र को पहुंचकर आनन्दित और अत्यन्त मगन होते हैं।
20दु:खियों को उजियाला, और उदास मनवालों को जीवन क्यों दिया जाता है?
21वे मृत्यु की बाट जोहते हैं पर वह आती नहीं; और गड़े हुए धन से अधिक उसकी खोज करते हैं;
22वे क़ब्र को पहुंचकर आनन्दित और अत्यन्त मगन होते हैं।
24मुझे तो रोटी खाने की सन्ती लम्बी लम्बी सांसें आती हैं, और मेरा विलाप धारा की नाई बहता रहता है।
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