दु:खियों को उजियाला, और उदास मनवालों को जीवन क्यों दिया जाता है?
18उस में बन्धुए एक संग सुख से रहते हैं; और परिश्रम करानेवाले का शब्द नहीं सुनते।
19उस में छोटे बड़े सब रहते हैं, और दास अपने स्वामी से स्वतन्त्रा रहता है।
20दु:खियों को उजियाला, और उदास मनवालों को जीवन क्यों दिया जाता है?
21वे मृत्यु की बाट जोहते हैं पर वह आती नहीं; और गड़े हुए धन से अधिक उसकी खोज करते हैं;
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