और मन्दिर और पवित्रास्थान के द्वारों के दो दो किवाड़ थे।
21भवन के द्वारों के खम्भे चौपहल थे, और पवित्रास्थान के साम्हने का रूप मन्दिर का सा था।
23और मन्दिर और पवित्रास्थान के द्वारों के दो दो किवाड़ थे।
24और हर एक किवाड़ में दो दो मुड़नेवाले पल्ले थे, हर एक किवाड़ के लिये दो दो पल्ले।
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