सो यीशु एक उत्तम वाचा का जामिन ठहरा।
20और इसलिये कि मसीह की नियुक्ति बिना शपथ नहीं हुई।
21(क्योंकि वे तो बिना शपथ याजक ठहराए गए पर यह शपथ के साथ उस की ओर से नियुक्त किया गया जिस ने उसके विषय में कहा, कि प्रभु ने शपथ खाई, और वह उस से फिर ने पछताएगा, कि तू युगानुयुग याजक है)।
22सो यीशु एक उत्तम वाचा का जामिन ठहरा।
23वे तो बहुत से याजक बनते आए, इस का कारण यह था कि मृत्यु उन्हें रहने नहीं देती थी।
24पर यह युगानुयुग रहता है; इस कारण उसका याजक पद अटल है।
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