किसी रीति से किसी के धोखे में न आना क्योंकि वह दिन न आएगा, जब तक धर्म का त्याग न हो ले, और वह पाप का पुरूष अर्थात् विनाश का पुत्रा प्रगट न हो।
3किसी रीति से किसी के धोखे में न आना क्योंकि वह दिन न आएगा, जब तक धर्म का त्याग न हो ले, और वह पाप का पुरूष अर्थात् विनाश का पुत्रा प्रगट न हो।
5क्या तुम्हें स्मरण नहीं, कि जब मैं तुम्हारे यहां था, तो तुम से ये बातें कहा करता था?
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