यिर्मयाह 6:5

उठो, हम रात ही रात चढ़ाई करें और उसके महलों को ढा दें।

प्रसंग सहित पढ़ें · यिर्मयाह 6

3चरवाहे अपनी अपनी भेड़- बकरियां संग लिए हुए उस पर चढ़कर उसके चारों ओर अपने तम्बू खड़े करेंगे, वे अपने अपने पास की घास चरा लेंगे।

4आओ, उसके विरूद्ध युठ्ठ की तैयारी करो; उठो, हम दो पहर को चढ़ाई करें ! हाय, हाय, दिन ढलता जाता है, और सांझ की परछाई लम्बी हो चली है !

5उठो, हम रात ही रात चढ़ाई करें और उसके महलों को ढा दें।

6सेनाओं का यहोवा तुम से कहता है, वृक्ष काट काटकर यरूशलेम के विरूद्व दमदमा बान्धोे ! यह वही नगर है जो दणड के योग्य है; इस में अन्धेर ही अनधेर भरा हुआ है।

7जैसा कूएं में से नित्य नया जल निकला करता है, वैसा ही इस नगर में से नित्य नई बुराई निकलती है; इस में उत्पात और उपद्रव का कोलाहल मचा रहता है; चोट और मारपीट मेरे देखने में निरन्तर आती है।

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