तब दाऊद ने अब्नेर के विषय यह विलापगीत बनाया कि, क्या उचित था कि अब्नेर मूूढ़ की नाई मरे?
31तब दाऊद ने योआब और अपने सब संगी लागों से कहा, अपने वस्त्रा फाड़ो, और कमर में टाट बान्धकर अब्नेर के आगे आगे चलो। और दाऊद राजा स्वयं अथ के पीछे पीछे चला।
32अब्नेर को हेब्रोन में मिट्टी दी गई; और राजा अब्नेर की कब्र के पास फूट फूटकर रोया; और सब लोग भी रोए।़
33तब दाऊद ने अब्नेर के विषय यह विलापगीत बनाया कि, क्या उचित था कि अब्नेर मूूढ़ की नाई मरे?
34न तो तेरे हाथ बान्धे गए, और न तेरे पांवों में बेड़ियां डाली गई; जैसे कोई कुटिल मनुष्यों से मारा जाए, वैसे ही तू मारा गया।
35तब सब लोग उसके विषय फिर रो उठे। तब सब लोग कुछ दिन रहते दाऊद को रोटी खिलाने आए; परन्तु दाऊद ने शपथ खाकर कहा, यदि मैं सूर्य के अस्त होने से पहिले रोटी वा और कोई वस्तु खाऊं, तो परमेश्वर मुझ से ऐसा ही, वरन इस से भी अधिक करे।
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