और वे तेरे विषय में विलाप का गीत बनाकर तुझ से कहेंगे, हाय ! मल्लाहों की बसाई हुई हाय ! सराही हुई नगरी जो समुद्र के बीच निवासियों समेत सामथ रही और सब टिकनेवालों की डरानेवाली नगरी थी, तू कैसी नाश हुई है?
17और वे तेरे विषय में विलाप का गीत बनाकर तुझ से कहेंगे, हाय ! मल्लाहों की बसाई हुई हाय ! सराही हुई नगरी जो समुद्र के बीच निवासियों समेत सामथ रही और सब टिकनेवालों की डरानेवाली नगरी थी, तू कैसी नाश हुई है?
18तेरे गिरने के दिन टापू कांप उठेंगे, और तेरे जाते रहने के कारण समुद्र से सब टापू घबरा जाएंगे।
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