तब याकूब ने एक पत्थर लेकर उसका खम्भा खड़ा किया।
44अब आ मैं और तू दोनों आपस में वाचा बान्धें, और वह मेरे और तेरे बीच साक्षी ठहरी रहे।
45तब याकूब ने एक पत्थर लेकर उसका खम्भा खड़ा किया।
47उस ढेर का नाम लाबान ने तो यज्र सहादुथा, पर याकूब ने जिलियाद रखा।
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