प्रकाशित वाक्य 8:3

फिर एक और स्वर्गदूत सोने का धूपदान लिये हुए आया, और वेदी के निकट खड़ा हुआ; और उस को बहुत धूप दिया गया, कि सब पवित्रा लोगों की प्रार्थनाओं के साथ उस सोनहली वेदी पर जो सिंहासन के साम्हने है चढ़ाए।

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1और जब उस ने सातवीं मुहर खोली, तो स्वर्ग में आध घड़ी तक सन्नाटा छा गया।

2और मैं ने उन सातों स्वर्गदूतों को जो परमेश्वर के साम्हने खड़े रहते हैं, देखा, और उन्हें सात तुरहियां दी गईं।।

3फिर एक और स्वर्गदूत सोने का धूपदान लिये हुए आया, और वेदी के निकट खड़ा हुआ; और उस को बहुत धूप दिया गया, कि सब पवित्रा लोगों की प्रार्थनाओं के साथ उस सोनहली वेदी पर जो सिंहासन के साम्हने है चढ़ाए।

4और उस धूप का धुआं पवित्रा लोगों की प्रार्थनाओं सहित स्वर्गदूत के हाथ से परमेश्वर के साम्हने पहुंच गया।

5और स्वर्गदूत ने धूपदान लेकर उस में वेदी की आग भरी, और पृथ्वी पर डाल दी, और गर्जन और शब्द और बिजलियां और भूईडोल होने लगा।।

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