और स्वर्गदूत ने धूपदान लेकर उस में वेदी की आग भरी, और पृथ्वी पर डाल दी, और गर्जन और शब्द और बिजलियां और भूईडोल होने लगा।।
5और स्वर्गदूत ने धूपदान लेकर उस में वेदी की आग भरी, और पृथ्वी पर डाल दी, और गर्जन और शब्द और बिजलियां और भूईडोल होने लगा।।
6और वे सातों स्वर्गदूत जिन के पास सात तुरहियां थी, फंूकने को तैयार हुए।।
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें